|
Canada-0-CAMPS ไดเรกทอรีที่ บริษัท
|
ข่าว บริษัท :
- पुरंदर की संधि - विकिपीडिया
मुगल साम्राज्य के सेनापति राजपूत शासक जय सिंह प्रथम और मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज के बीच, 11 जून, 1665 को पुरन्दर की संधि (मराठी : पुरंदर चा तह) ) पर हस्ताक्षर किए गए थे। जय सिंह द्वारा पुरंदर किले की घेराबंदी करने के बाद शिवाजी को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब शिवाजी ने महसूस किया कि मुगल साम्राज्य के साथ युद्ध केवल साम्र
- पुरंदर की लड़ाई - battle of purandar was fought between in Hindi
पुरंदर की लड़ाई (Battle of Purandar in Hindi) 1665 में मुगल साम्राज्य और मराठा साम्राज्य के बीच लड़ी गई थी। जय सिंह को मुगल सम्राट औरंगजेब ने शिवाजी के खिलाफ एक सेना का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया था, और उनके अभियान में दिलिर खान, राय सिंह, सुजान सिंह और दाउद खान जैसे अन्य मुगल कमांडरों द्वारा उनकी सहायता की गई थी। जय सिंह के नेतृत्व में मु
- क्यों और कब हुई थी पुरंदर की संधि, जानें यहां
भारत के इतिहास में कई महत्त्वपूर्ण संधियां पढ़ने को मिलती हें। इस कड़ी में हमें पुरंदर की संधि भी देखने को मिलती हैं। पुरंदर की संधि को भारत की महत्त्वपूर्ण संधियों में गिना जाता है। यह
- पुरंदर की लड़ाई (1665) – Study Material
जब शिवाजी ने महसूस किया कि मुगल साम्राज्य के साथ युद्ध केवल साम्राज्य को नुकसान पहुंचाएगा और उनके लोगों को भारी नुकसान होगा, तो उन्होंने मुगलों के अधीन अपने लोगों को छोड़ने के बजाय एक संधि करने का फैसला किया। संधि के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पुरंदर की संधि (Treaty of Purandar, 1665)
1665 की Treaty of Purandar शिवाजी महाराज और मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब के बीच राजनीतिक कूटनीति का प्रतीक है – जानें पूरी कहानी।
- पुरंदरचा तह (Treaty Of Purandar In Marathi Hindi)
On 12 June 1665, the Treaty of Purandar was signed between Shivaji Maharaj and the Mughal general Mirzaraja Jai Singh This Persian text is twenty-two feet long and has 99 lines Devanagari transliteration and Hindi and Marathi translation of this treaty is given in this Purandarcha Tah book
- Shivaji : Treaty of Purandar, 1665 | शिवाजी : पुरन्दर की संधि, 1665
पुरन्दर की सन्धि मराठा इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। पूना में रात्री में शाइस्ता खॉ पर आक्रमण तथा सूरत की लूट मुगलों पर प्रत्यक्ष प्रहार था जो औरंगजेब के लिए अपमानजनक था। फलस्वरुप सितम्बर 1664 ई0 में औरंगजेब ने राजकुमार मुअज्जम तथा राजा जसवन्त सिंह को दक्षिण भारत में स्थानांतरित करके उसके स्थान पर आमेर के मिर्जा राजा जयसिंह को दक्षि
- Battle of Purandar - Wikipedia
Battle of Purandar The Battle of Purandar was fought between the Mughal Empire and the Marathas in 1665
- Battle of Purandar, Overview, History, Series of Events, Aftermath
The Battle of Purandar was fought in 1665 between the Maratha Empire, led by Chhatrapati Shivaji Maharaj, and the Mughal Empire, under Raja Jai Singh I of Amber
- Treaty of Purandar (1965) - Medieval India History Notes - Prepp
The Treaty of Purandar was signed on June 11, 1665, between Jai Singh I, the Mughal Empire's leader, and Shivaji After Jai Singh stormed Purandar fort, Shivaji was obliged to sign the pact
|
|